सबसे बड़ा कर्मयोगी कौन है?


 सबसे बड़ा कर्मयोगी कौन है?

आध्यात्मिक दुनिया में अक्सर इस बात पर चर्चा होती रहती है कि सबसे बड़ा कर्मयोगी कौन है? वास्तव में देखा जाए तो जो व्यक्ति मन में फल की इच्छा न रखते हुए भी कर्म करता है वही सबसे बड़ा कर्मयोगी माना गया है क्योंकि वह कर्म करने के बाद अपने सारे कर्मों को ईश्वर को समर्पित कर देता है। जो सच्चा साधक होता है वह कभी भी कोई भी चिंता नहीं करता। वह तो केवल पूर्ण निष्ठा के साथ सिर्फ कर्म करता है। उसके मन में इच्छा जरूर होती है और जीवन में यह इच्छाएं होना भी जरूरी है। इसीलिए शिवयोग में कहा भी गया है कि साधक की यही पवित्र इच्छाएं उसे उसके शुभ कर्म करने की दिशा देती हैं। जो साधक सरल भाव और परिश्रम से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है वही सफल होता है। इसलिए सिद्धों ने कहा भी है कि जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को अपने सारे कर्म ईश्वर को समर्पित कर देना चाहिए, तभी उसके जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे और यह एक शिवयोगी ही कर सकता है।

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