जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति के लिए क्या करें?


जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति के लिए क्या करें?


अध्यात्म में हमें हमारे जीवन का एक मूल उद्देश्य बताया गया है। जिसकी पूर्ति करने के लिए हम न जाने कितने वर्षों से इस संसार में जन्म ले रहे हैं और मर रहे हैं। क्योंकि हम जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जन्म लेते हैं, उसकी पूर्ति न कर इधर-उधर सांसारिक माया-जाल में फंस कर रह जाते हैं। इतना ही नहीं सांसारिक मोह-माया में फंसकर हम दूसरों को जाने-अनजाने में कष्ट भी पहुंचाते हैं। जो हमारे संचित कर्म बनकर हर जन्म में उसका भोग करने के लिए बाध्य करते हैं। शिवयोग बताता है कि हमारा जन्म दूसरों को कष्ट पहुंचाने के लिए नहीं हुआ है। हमारा जन्म तो उस परमेश्वर को प्राप्त करने के लिए हुआ है, जिसका हम सब एक अंश हैं। यही बात हम इस भौतिक संसार में आने के बाद भूल जाते हैं। जिससे अपने मूल उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर पाते हैं। जो व्यक्ति इस बात को समझ लेता है वह आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलकर ईश्वर की प्राप्ति कर जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।

Yoga of Immortals
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