संयम और नियम के बिना क्यों न करें ये अभ्यास?

 


संयम और नियम के बिना क्यों न करें ये अभ्यास?
योगा ऑफ इम्मोर्टल्स की क्रियाओं के करने के लिए एक सुनिश्चित स्थान का चयन करना चाहिए, क्योंकि इन क्रियाओं में गुरूतत्व और शिवतत्व मौजूद होते हैं। इस लिए बिना नियम-संयम के इन क्रियाओं को करने से ईश्वर का अपमान होता है। यह बहुत ही सिद्ध क्रियाएं हैं, जिनके माध्यम से हम अपने जीवन को बदल सकते हैं। इस लिए शिवयोग में इन क्रियाओं को करने से पहले स्नान करके एक सुनिश्चित स्थान चुनें और शुद्ध आसन लगाने के बाद अपने गुरु व ईष्ट का ध्यान करके इन क्रियाओं को करना चाहिए। अशुद्ध मन व शारीरिक अशुद्धता के साथ इन क्रियाओं को करने से परात्पर शिव का अपमान होता है। इसी लिए इन क्रियाओं को इम्मोर्टल्स कहा गया है। यह भगवान शिव का योग है। इस लिए इन क्रियाओं को करने से पहले शुद्धता का विशेष ख्याल रखना चाहिए। ताकि भगवान शिव का अपमान न हो और इन जीवित क्रियाओं को पूर्ण कर हम उसका लाभ उठा सकें।

Comments

Popular posts from this blog

ENHANCING RELATIONSHIPS THROUGH MINDFUL COMMUNICATION || Yoga of Immortals || Ishan Shivanand

ECHOES OF THE ANCIENTS: ANCESTRAL GUIDANCE FOR MODERN TIMES || Yoga of Immortals || Ishan Shivanand

तनावमुक्त जीवन के लिए क्या करें?